3 मार्च 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 मार्च 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 मार्च 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (02:44, 4 मार्च तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:11 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 11:16 से 12:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:34
रात 06:52 तक
तिथि
सप्तमी, 02:44 तक
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:11 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:53 – 08:20सामान्य
लाभ08:20 – 09:48शुभ
अमृत09:48 – 11:16शुभ
काल11:16 – 12:43टालें
शुभ12:43 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:39टालें
उद्वेग15:39 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:34सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:34 – 20:06टालें
काल20:06 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:43टालें
शुभ00:43 – 02:15शुभ
अमृत02:15 – 03:47शुभ
चर03:47 – 05:20सामान्य
रोग05:20 – 06:52टालें

3 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:44, 4 मार्च तक
शुक्ल अष्टमी 02:10, 5 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:25, 4 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:23 तक
विष्कंभअशुभ 19:54, 4 मार्च तक
करण
गर 14:46 तक
वणिज 02:44, 4 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 14:32, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
10:37
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
11:16 – 12:43
यमगंड
15:39 – 17:06
गुलिक काल
08:20 – 09:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5307:51दिन
बुध07:5108:50दिन
चंद्र08:5009:48दिन
शनि09:4810:46दिन
गुरु10:4611:45दिन
मंगल11:4512:43दिन
सूर्य12:4313:42दिन
शुक्र13:4214:40दिन
बुध14:4015:39दिन
चंद्र15:3916:37दिन
शनि16:3717:35दिन
गुरु17:3518:34दिन
मंगल18:3419:35रात
सूर्य19:3520:37रात
शुक्र20:3721:38रात
बुध21:3822:40रात
चंद्र22:4023:41रात
शनि23:4100:43रात
गुरु00:4301:44रात
मंगल01:4402:46रात
सूर्य02:4603:47रात
शुक्र03:4704:49रात
बुध04:4905:50रात
चंद्र05:5006:52रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।