17 अप्रैल 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 17 अप्रैल 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 अप्रैल 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (11:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:13 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 07:42 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:56
रात 06:05 तक
तिथि
अष्टमी, 11:11 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:13 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:06 – 07:42शुभ
काल07:42 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:20शुभ
अमृत17:20 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:56 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 21:43टालें
काल21:43 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:18शुभ
अमृत03:18 – 04:41शुभ
चर04:41 – 06:05सामान्य

17 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 11:11 तक
कृष्ण नवमी 13:37, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 15:11, 18 अप्रैल तक
योग
साध्य 06:31, 18 अप्रैल तक
करण
कौलव 11:11 तक
तैतिल 00:22, 18 अप्रैल तक
गर 13:37, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
01:37
चंद्रास्त
12:35
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
07:42 – 09:18
यमगंड
10:55 – 12:31
गुलिक काल
14:07 – 15:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0607:10दिन
शनि07:1008:14दिन
गुरु08:1409:18दिन
मंगल09:1810:23दिन
सूर्य10:2311:27दिन
शुक्र11:2712:31दिन
बुध12:3113:35दिन
चंद्र13:3514:39दिन
शनि14:3915:44दिन
गुरु15:4416:48दिन
मंगल16:4817:52दिन
सूर्य17:5218:56दिन
शुक्र18:5619:52रात
बुध19:5220:48रात
चंद्र20:4821:43रात
शनि21:4322:39रात
गुरु22:3923:35रात
मंगल23:3500:30रात
सूर्य00:3001:26रात
शुक्र01:2602:22रात
बुध02:2203:18रात
चंद्र03:1804:13रात
शनि04:1305:09रात
गुरु05:0906:05रात

अयनांश 24.2523° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।