17 सितंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 17 सितंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 17 सितंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (07:30 तक), नक्षत्र मघा (18:25 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 17:01 से 18:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:33
रात 06:18 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:47 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मघा, 18:25 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:18 – 07:50टालें
चर07:50 – 09:22सामान्य
लाभ09:22 – 10:54शुभ
अमृत10:54 – 12:25शुभ
काल12:25 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 17:01टालें
उद्वेग17:01 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:33 – 20:01शुभ
अमृत20:01 – 21:29शुभ
चर21:29 – 22:58सामान्य
रोग22:58 – 00:26टालें
काल00:26 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:50टालें
शुभ04:50 – 06:18शुभ

17 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 07:30 तक
कृष्ण चतुर्दशी 03:47, 18 सित॰ तक
अमावस्या 23:53, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 18:25 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:23, 18 सित॰ तक
योग
सिद्ध 12:07 तक
साध्य 07:53, 18 सित॰ तक
करण
वणिज 07:30 तक
विष्टि (भद्रा) 17:40 तक
शकुनि 03:47, 18 सित॰ तक
चतुष्पद 13:51, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
04:28
चंद्रास्त
17:23
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
17:01 – 18:33
यमगंड
12:25 – 13:57
गुलिक काल
15:29 – 17:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1807:19दिन
शुक्र07:1908:20दिन
बुध08:2009:22दिन
चंद्र09:2210:23दिन
शनि10:2311:24दिन
गुरु11:2412:25दिन
मंगल12:2513:27दिन
सूर्य13:2714:28दिन
शुक्र14:2815:29दिन
बुध15:2916:31दिन
चंद्र16:3117:32दिन
शनि17:3218:33दिन
गुरु18:3319:32रात
मंगल19:3220:31रात
सूर्य20:3121:29रात
शुक्र21:2922:28रात
बुध22:2823:27रात
चंद्र23:2700:26रात
शनि00:2601:24रात
गुरु01:2402:23रात
मंगल02:2303:22रात
सूर्य03:2204:21रात
शुक्र04:2105:19रात
बुध05:1906:18रात

अयनांश 24.2581° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।