16 अक्टूबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 16 अक्टूबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 अक्टूबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (15:45 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (23:11 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:02
रात 06:32 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:45 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 23:11 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:31 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:24टालें
शुभ09:24 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:43टालें
चर13:43 – 15:09सामान्य
लाभ15:09 – 16:36शुभ
अमृत16:36 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:02 – 19:36सामान्य
रोग19:36 – 21:09टालें
काल21:09 – 22:43टालें
लाभ22:43 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:51टालें
शुभ01:51 – 03:24शुभ
अमृत03:24 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:32सामान्य

16 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 15:45 तक
कृष्ण चतुर्दशी 12:05, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:16, 17 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 13:49 तक
इंद्र 09:38, 17 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 15:45 तक
विष्टि (भद्रा) 01:56, 17 अक्टू॰ तक
शकुनि 12:05, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 07:18 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
04:19
चंद्रास्त
16:32
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:24
यमगंड
10:50 – 12:17
गुलिक काल
13:43 – 15:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3107:29दिन
शनि07:2908:26दिन
गुरु08:2609:24दिन
मंगल09:2410:21दिन
सूर्य10:2111:19दिन
शुक्र11:1912:17दिन
बुध12:1713:14दिन
चंद्र13:1414:12दिन
शनि14:1215:09दिन
गुरु15:0916:07दिन
मंगल16:0717:04दिन
सूर्य17:0418:02दिन
शुक्र18:0219:04रात
बुध19:0420:07रात
चंद्र20:0721:09रात
शनि21:0922:12रात
गुरु22:1223:14रात
मंगल23:1400:17रात
सूर्य00:1701:19रात
शुक्र01:1902:22रात
बुध02:2203:24रात
चंद्र03:2404:27रात
शनि04:2705:29रात
गुरु05:2906:32रात

अयनांश 24.2592° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।