24 अक्टूबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (21:41 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (12:22 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 15:05 से 16:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:55
रात 06:36 तक
तिथि
सप्तमी, 21:41 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 12:22 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 08:01टालें
उद्वेग08:01 – 09:26टालें
चर09:26 – 10:50सामान्य
लाभ10:50 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:05टालें
शुभ15:05 – 16:30शुभ
रोग16:30 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:55 – 19:30टालें
लाभ19:30 – 21:05शुभ
उद्वेग21:05 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 05:01टालें
काल05:01 – 06:36टालें

24 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 21:41 तक
शुक्ल अष्टमी 23:14, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 14:12, 25 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 11:32 तक
धृति 11:25, 25 अक्टू॰ तक
करण
गर 09:11 तक
वणिज 21:41 तक
विष्टि (भद्रा) 10:23, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 18:45 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
12:35
चंद्रास्त
23:29
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
15:05 – 16:30
यमगंड
09:26 – 10:50
गुलिक काल
12:15 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:32दिन
सूर्य07:3208:29दिन
शुक्र08:2909:26दिन
बुध09:2610:22दिन
चंद्र10:2211:19दिन
शनि11:1912:15दिन
गुरु12:1513:12दिन
मंगल13:1214:08दिन
सूर्य14:0815:05दिन
शुक्र15:0516:02दिन
बुध16:0216:58दिन
चंद्र16:5817:55दिन
शनि17:5518:58रात
गुरु18:5820:02रात
मंगल20:0221:05रात
सूर्य21:0522:09रात
शुक्र22:0923:12रात
बुध23:1200:16रात
चंद्र00:1601:19रात
शनि01:1902:22रात
गुरु02:2203:26रात
मंगल03:2604:29रात
सूर्य04:2905:33रात
शुक्र05:3306:36रात

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।