27 नवंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 27 नवंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 नवंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (02:18, 28 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:51 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 08:19 से 09:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:38
रात 07:00 तक
तिथि
एकादशी, 02:18 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:51 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:59 – 08:19शुभ
काल08:19 – 09:39टालें
शुभ09:39 – 10:59शुभ
रोग10:59 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 13:39टालें
चर13:39 – 14:59सामान्य
लाभ14:59 – 16:19शुभ
अमृत16:19 – 17:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:38 – 19:19सामान्य
रोग19:19 – 20:59टालें
काल20:59 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:40शुभ
अमृत03:40 – 05:20शुभ
चर05:20 – 07:00सामान्य

27 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:18, 28 नव॰ तक
शुक्ल द्वादशी 04:14, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:28, 28 नव॰ तक
योग
सिद्धि 21:49 तक
व्यतीपातअशुभ 22:15, 28 नव॰ तक
करण
वणिज 13:11 तक
विष्टि (भद्रा) 02:18, 28 नव॰ तक
बव 15:19, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
14:22
चंद्रास्त
02:35
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
08:19 – 09:39
यमगंड
10:59 – 12:19
गुलिक काल
13:39 – 14:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5907:53दिन
शनि07:5308:46दिन
गुरु08:4609:39दिन
मंगल09:3910:32दिन
सूर्य10:3211:26दिन
शुक्र11:2612:19दिन
बुध12:1913:12दिन
चंद्र13:1214:05दिन
शनि14:0514:59दिन
गुरु14:5915:52दिन
मंगल15:5216:45दिन
सूर्य16:4517:38दिन
शुक्र17:3818:45रात
बुध18:4519:52रात
चंद्र19:5220:59रात
शनि20:5922:06रात
गुरु22:0623:12रात
मंगल23:1200:19रात
सूर्य00:1901:26रात
शुक्र01:2602:33रात
बुध02:3303:40रात
चंद्र03:4004:47रात
शनि04:4705:53रात
गुरु05:5307:00रात

अयनांश 24.2608° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।