29 जनवरी 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 29 जनवरी 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 जनवरी 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:53 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:42 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:39 से 10:01 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 18:12
रात 07:17 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:53 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:42 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:17 – 08:39शुभ
काल08:39 – 10:01टालें
शुभ10:01 – 11:23शुभ
रोग11:23 – 12:45टालें
उद्वेग12:45 – 14:06टालें
चर14:06 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:12 – 19:50सामान्य
रोग19:50 – 21:28टालें
काल21:28 – 23:06टालें
लाभ23:06 – 00:44शुभ
उद्वेग00:44 – 02:22टालें
शुभ02:22 – 04:01शुभ
अमृत04:01 – 05:39शुभ
चर05:39 – 07:17सामान्य

29 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:53 तक
पूर्णिमा 11:33, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 12:03, 30 जन॰ तक
योग
प्रीति 02:06, 30 जन॰ तक
आयुष्मान 22:47, 30 जन॰ तक
करण
वणिज 13:53 तक
विष्टि (भद्रा) 00:47, 30 जन॰ तक
बव 11:33, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:02 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
17:23
चंद्रास्त
06:19
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 10:01
यमगंड
11:23 – 12:45
गुलिक काल
14:06 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1708:12दिन
शनि08:1209:06दिन
गुरु09:0610:01दिन
मंगल10:0110:56दिन
सूर्य10:5611:50दिन
शुक्र11:5012:45दिन
बुध12:4513:39दिन
चंद्र13:3914:34दिन
शनि14:3415:28दिन
गुरु15:2816:23दिन
मंगल16:2317:17दिन
सूर्य17:1718:12दिन
शुक्र18:1219:17रात
बुध19:1720:23रात
चंद्र20:2321:28रात
शनि21:2822:33रात
गुरु22:3323:39रात
मंगल23:3900:44रात
सूर्य00:4401:50रात
शुक्र01:5002:55रात
बुध02:5504:01रात
चंद्र04:0105:06रात
शनि05:0606:12रात
गुरु06:1207:17रात

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।