2 मार्च 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 मार्च 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 मार्च 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:18 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:25 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 11:16 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:33
रात 06:53 तक
तिथि
द्वितीया, 15:18 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:25 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:54 – 08:21सामान्य
लाभ08:21 – 09:49शुभ
अमृत09:49 – 11:16शुभ
काल11:16 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:33 – 20:06टालें
काल20:06 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:43टालें
शुभ00:43 – 02:16शुभ
अमृत02:16 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:21सामान्य
रोग05:21 – 06:53टालें

2 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:18 तक
कृष्ण तृतीया 11:44, 3 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:35, 3 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 15:49 तक
गंडअशुभ 11:41, 3 मार्च तक
करण
गर 15:18 तक
वणिज 01:30, 3 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 11:44, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
20:33
चंद्रास्त
07:36
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
11:16 – 12:44
यमगंड
15:38 – 17:06
गुलिक काल
08:21 – 09:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5407:52दिन
बुध07:5208:51दिन
चंद्र08:5109:49दिन
शनि09:4910:47दिन
गुरु10:4711:45दिन
मंगल11:4512:44दिन
सूर्य12:4413:42दिन
शुक्र13:4214:40दिन
बुध14:4015:38दिन
चंद्र15:3816:37दिन
शनि16:3717:35दिन
गुरु17:3518:33दिन
मंगल18:3319:35रात
सूर्य19:3520:36रात
शुक्र20:3621:38रात
बुध21:3822:40रात
चंद्र22:4023:41रात
शनि23:4100:43रात
गुरु00:4301:45रात
मंगल01:4502:46रात
सूर्य02:4603:48रात
शुक्र03:4804:50रात
बुध04:5005:51रात
चंद्र05:5106:53रात

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।