7 अप्रैल 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 7 अप्रैल 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 अप्रैल 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (14:20 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (11:20 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 09:25 से 10:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:51
रात 06:15 तक
तिथि
नवमी, 14:20 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 11:20 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:16 – 07:50टालें
शुभ07:50 – 09:25शुभ
रोग09:25 – 10:59टालें
उद्वेग10:59 – 12:34टालें
चर12:34 – 14:08सामान्य
लाभ14:08 – 15:42शुभ
अमृत15:42 – 17:17शुभ
काल17:17 – 18:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:51 – 20:17शुभ
उद्वेग20:17 – 21:42टालें
शुभ21:42 – 23:08शुभ
अमृत23:08 – 00:33शुभ
चर00:33 – 01:59सामान्य
रोग01:59 – 03:24टालें
काल03:24 – 04:49टालें
लाभ04:49 – 06:15शुभ

7 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण नवमी 14:20 तक
कृष्ण दशमी 15:46, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 13:17, 8 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 23:07 तक
साध्य 23:19, 8 अप्रैल तक
करण
गर 14:20 तक
वणिज 02:59, 8 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 15:46, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
02:14
चंद्रास्त
13:21
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
09:25 – 10:59
यमगंड
14:08 – 15:42
गुलिक काल
06:16 – 07:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1607:19दिन
गुरु07:1908:22दिन
मंगल08:2209:25दिन
सूर्य09:2510:28दिन
शुक्र10:2811:31दिन
बुध11:3112:34दिन
चंद्र12:3413:37दिन
शनि13:3714:39दिन
गुरु14:3915:42दिन
मंगल15:4216:45दिन
सूर्य16:4517:48दिन
शुक्र17:4818:51दिन
बुध18:5119:48रात
चंद्र19:4820:45रात
शनि20:4521:42रात
गुरु21:4222:39रात
मंगल22:3923:36रात
सूर्य23:3600:33रात
शुक्र00:3301:30रात
बुध01:3002:27रात
चंद्र02:2703:24रात
शनि03:2404:21रात
गुरु04:2105:18रात
मंगल05:1806:15रात

अयनांश 24.2659° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।