1 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 1 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (06:27 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (18:48 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 15:46 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 19:03
रात 05:53 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:21 तक
पंचमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 18:48 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:54 – 07:32टालें
उद्वेग07:32 – 09:11टालें
चर09:11 – 10:50सामान्य
लाभ10:50 – 12:29शुभ
अमृत12:29 – 14:07शुभ
काल14:07 – 15:46टालें
शुभ15:46 – 17:25शुभ
रोग17:25 – 19:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:03 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 21:46शुभ
उद्वेग21:46 – 23:07टालें
शुभ23:07 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 01:49शुभ
चर01:49 – 03:10सामान्य
रोग03:10 – 04:32टालें
काल04:32 – 05:53टालें

1 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 06:27 तक
कृष्ण चतुर्थी 04:21, 2 मई तक
कृष्ण पंचमी 03:02, 3 मई तक
नक्षत्र
मूल 17:54, 2 मई तक
योग
परिघअशुभ 12:42 तक
शिव 10:05, 2 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:27 तक
बव 17:19 तक
बालव 04:21, 2 मई तक
कौलव 15:36, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
22:29
चंद्रास्त
08:08
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 17:25
यमगंड
09:11 – 10:50
गुलिक काल
12:29 – 14:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5406:59दिन
सूर्य06:5908:05दिन
शुक्र08:0509:11दिन
बुध09:1110:17दिन
चंद्र10:1711:23दिन
शनि11:2312:29दिन
गुरु12:2913:34दिन
मंगल13:3414:40दिन
सूर्य14:4015:46दिन
शुक्र15:4616:52दिन
बुध16:5217:58दिन
चंद्र17:5819:03दिन
शनि19:0319:58रात
गुरु19:5820:52रात
मंगल20:5221:46रात
सूर्य21:4622:40रात
शुक्र22:4023:34रात
बुध23:3400:28रात
चंद्र00:2801:22रात
शनि01:2202:16रात
गुरु02:1603:10रात
मंगल03:1004:05रात
सूर्य04:0504:59रात
शुक्र04:5905:53रात

अयनांश 24.2668° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।