11 मई 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 मई 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 मई 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:54 तक), नक्षत्र रेवती (09:27 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 10:48 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 19:09
रात 05:46 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:54 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 09:27 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:47 – 07:27सामान्य
लाभ07:27 – 09:07शुभ
अमृत09:07 – 10:48शुभ
काल10:48 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 14:08शुभ
रोग14:08 – 15:48टालें
उद्वेग15:48 – 17:29टालें
चर17:29 – 19:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:09 – 20:29टालें
काल20:29 – 21:48टालें
लाभ21:48 – 23:08शुभ
उद्वेग23:08 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:07शुभ
चर03:07 – 04:26सामान्य
रोग04:26 – 05:46टालें

11 मई 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:54 तक
कृष्ण चतुर्दशी 17:10, 12 मई तक
नक्षत्र
रेवती 09:27 तक
अश्विनी 12:18, 12 मई तक
योग
प्रीति 09:47 तक
आयुष्मान 10:37, 12 मई तक
करण
वणिज 14:54 तक
विष्टि (भद्रा) 04:04, 12 मई तक
शकुनि 17:10, 12 मई तक
चंद्र राशि
मीन 09:27 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
04:02
चंद्रास्त
17:22
दिनमान
13h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 12:28
यमगंड
15:48 – 17:29
गुलिक काल
07:27 – 09:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4706:54दिन
बुध06:5408:00दिन
चंद्र08:0009:07दिन
शनि09:0710:14दिन
गुरु10:1411:21दिन
मंगल11:2112:28दिन
सूर्य12:2813:35दिन
शुक्र13:3514:42दिन
बुध14:4215:48दिन
चंद्र15:4816:55दिन
शनि16:5518:02दिन
गुरु18:0219:09दिन
मंगल19:0920:02रात
सूर्य20:0220:55रात
शुक्र20:5521:48रात
बुध21:4822:41रात
चंद्र22:4123:34रात
शनि23:3400:28रात
गुरु00:2801:21रात
मंगल01:2102:14रात
सूर्य02:1403:07रात
शुक्र03:0704:00रात
बुध04:0004:53रात
चंद्र04:5305:46रात

अयनांश 24.2672° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।