1 नवंबर 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 1 नवंबर 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 नवंबर 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (02:22, 2 नव॰ तक), नक्षत्र मघा (22:47 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:38 से 15:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 17:49
रात 06:41 तक
तिथि
दशमी, 02:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा, 22:47 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:41 – 08:04शुभ
रोग08:04 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:38शुभ
अमृत13:38 – 15:02शुभ
काल15:02 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:25शुभ
चर19:25 – 21:02सामान्य
रोग21:02 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 05:05शुभ
अमृत05:05 – 06:41शुभ

1 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 02:22, 2 नव॰ तक
कृष्ण एकादशी 23:58, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:47 तक
योग
शुक्ल 08:54 तक
ब्रह्म 06:15, 2 नव॰ तक
इंद्र 03:01, 3 नव॰ तक
करण
वणिज 15:18 तक
विष्टि (भद्रा) 02:22, 2 नव॰ तक
बव 13:15, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
01:16
चंद्रास्त
14:11
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:38 – 15:02
यमगंड
06:41 – 08:04
गुलिक काल
09:28 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4107:36दिन
मंगल07:3608:32दिन
सूर्य08:3209:28दिन
शुक्र09:2810:23दिन
बुध10:2311:19दिन
चंद्र11:1912:15दिन
शनि12:1513:10दिन
गुरु13:1014:06दिन
मंगल14:0615:02दिन
सूर्य15:0215:57दिन
शुक्र15:5716:53दिन
बुध16:5317:49दिन
चंद्र17:4918:53रात
शनि18:5319:58रात
गुरु19:5821:02रात
मंगल21:0222:06रात
सूर्य22:0623:11रात
शुक्र23:1100:15रात
बुध00:1501:19रात
चंद्र01:1902:24रात
शनि02:2403:28रात
गुरु03:2804:32रात
मंगल04:3205:37रात
सूर्य05:3706:41रात

अयनांश 24.2738° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।