11 नवंबर 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 11 नवंबर 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 नवंबर 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (18:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:22 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 16:21 से 17:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:43
रात 06:48 तक
तिथि
षष्ठी, 18:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:22 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:09टालें
चर08:09 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 10:53शुभ
अमृत10:53 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:37टालें
शुभ13:37 – 14:59शुभ
रोग14:59 – 16:21टालें
उद्वेग16:21 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:43 – 19:21शुभ
अमृत19:21 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:37सामान्य
रोग22:37 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:32शुभ
उद्वेग03:32 – 05:10टालें
शुभ05:10 – 06:48शुभ

11 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 18:11 तक
शुक्ल सप्तमी 17:55, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:53, 12 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 14:24 तक
गंडअशुभ 12:54, 12 नव॰ तक
करण
तैतिल 18:11 तक
गर 05:57, 12 नव॰ तक
वणिज 17:55, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
11:44
चंद्रास्त
22:55
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:21 – 17:43
यमगंड
12:15 – 13:37
गुलिक काल
14:59 – 16:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:42दिन
शुक्र07:4208:37दिन
बुध08:3709:31दिन
चंद्र09:3110:26दिन
शनि10:2611:21दिन
गुरु11:2112:15दिन
मंगल12:1513:10दिन
सूर्य13:1014:04दिन
शुक्र14:0414:59दिन
बुध14:5915:54दिन
चंद्र15:5416:48दिन
शनि16:4817:43दिन
गुरु17:4318:48रात
मंगल18:4819:54रात
सूर्य19:5420:59रात
शुक्र20:5922:05रात
बुध22:0523:10रात
चंद्र23:1000:16रात
शनि00:1601:21रात
गुरु01:2102:26रात
मंगल02:2603:32रात
सूर्य03:3204:37रात
शुक्र04:3705:43रात
बुध05:4306:48रात

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।