25 नवंबर 2029 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 25 नवंबर 2029, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 नवंबर 2029 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:05 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (04:48, 26 नव॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 16:19 से 17:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 17:39
रात 06:58 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:05 तक
पंचमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:48 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:58 – 08:18टालें
चर08:18 – 09:38सामान्य
लाभ09:38 – 10:58शुभ
अमृत10:58 – 12:18शुभ
काल12:18 – 13:38टालें
शुभ13:38 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:19टालें
उद्वेग16:19 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:39 – 19:19शुभ
अमृत19:19 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:39सामान्य
रोग22:39 – 00:19टालें
काल00:19 – 01:59टालें
लाभ01:59 – 03:39शुभ
उद्वेग03:39 – 05:18टालें
शुभ05:18 – 06:58शुभ

25 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:05 तक
कृष्ण पंचमी 17:54, 26 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:48, 26 नव॰ तक
पुष्य 05:55, 27 नव॰ तक
योग
शुभ 17:32 तक
शुक्ल 17:01, 26 नव॰ तक
करण
बालव 17:05 तक
कौलव 05:34, 26 नव॰ तक
तैतिल 17:54, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:26 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
21:13
चंद्रास्त
10:12
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
16:19 – 17:39
यमगंड
12:18 – 13:38
गुलिक काल
14:58 – 16:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5807:51दिन
शुक्र07:5108:45दिन
बुध08:4509:38दिन
चंद्र09:3810:31दिन
शनि10:3111:25दिन
गुरु11:2512:18दिन
मंगल12:1813:12दिन
सूर्य13:1214:05दिन
शुक्र14:0514:58दिन
बुध14:5815:52दिन
चंद्र15:5216:45दिन
शनि16:4517:39दिन
गुरु17:3918:45रात
मंगल18:4519:52रात
सूर्य19:5220:59रात
शुक्र20:5922:05रात
बुध22:0523:12रात
चंद्र23:1200:19रात
शनि00:1901:25रात
गुरु01:2502:32रात
मंगल02:3203:39रात
सूर्य03:3904:45रात
शुक्र04:4505:52रात
बुध05:5206:58रात

अयनांश 24.2747° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।