27 मार्च 2028 को रामेश्वरम का चौघड़िया

सोमवार, 27 मार्च 2028, रामेश्वरम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 मार्च 2028 को रामेश्वरम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (11:43 तक), नक्षत्र रेवती (21:45 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 07:44 से 09:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:23
रात 06:12 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:43 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रेवती, 21:45 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:12 – 07:44शुभ
काल07:44 – 09:15टालें
शुभ09:15 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:20सामान्य
लाभ15:20 – 16:51शुभ
अमृत16:51 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:51सामान्य
रोग19:51 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:15शुभ
अमृत03:15 – 04:43शुभ
चर04:43 – 06:12सामान्य

27 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:43 तक
शुक्ल द्वितीया 13:03, 28 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 21:45 तक
अश्विनी 23:30, 28 मार्च तक
योग
इंद्र 03:52, 28 मार्च तक
वैधृतिअशुभ 03:39, 29 मार्च तक
करण
बव 11:43 तक
बालव 00:26, 28 मार्च तक
कौलव 13:03, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 21:46 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
06:39
चंद्रास्त
19:16
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
07:44 – 09:15
यमगंड
10:46 – 12:18
गुलिक काल
13:49 – 15:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1207:13दिन
शनि07:1308:14दिन
गुरु08:1409:15दिन
मंगल09:1510:16दिन
सूर्य10:1611:17दिन
शुक्र11:1712:18दिन
बुध12:1813:18दिन
चंद्र13:1814:19दिन
शनि14:1915:20दिन
गुरु15:2016:21दिन
मंगल16:2117:22दिन
सूर्य17:2218:23दिन
शुक्र18:2319:22रात
बुध19:2220:21रात
चंद्र20:2121:20रात
शनि21:2022:19रात
गुरु22:1923:18रात
मंगल23:1800:17रात
सूर्य00:1701:16रात
शुक्र01:1602:15रात
बुध02:1503:15रात
चंद्र03:1504:14रात
शनि04:1405:13रात
गुरु05:1306:12रात

अयनांश 24.2515° (लाहिड़ी)। समय रामेश्वरम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।