6 जनवरी 2025 को रांची का चौघड़िया

सोमवार, 6 जनवरी 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 जनवरी 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (18:24 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:06 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:17
रात 06:31 तक
तिथि
सप्तमी, 18:24 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:06 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:31 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:13टालें
शुभ09:13 – 10:33शुभ
रोग10:33 – 11:54टालें
उद्वेग11:54 – 13:15टालें
चर13:15 – 14:36सामान्य
लाभ14:36 – 15:56शुभ
अमृत15:56 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:17 – 18:56सामान्य
रोग18:56 – 20:36टालें
काल20:36 – 22:15टालें
लाभ22:15 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 03:13शुभ
अमृत03:13 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:31सामान्य

6 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 18:24 तक
शुक्ल अष्टमी 16:27, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:50, 7 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:05, 7 जन॰ तक
शिव 23:15, 7 जन॰ तक
करण
गर 07:20 तक
वणिज 18:24 तक
विष्टि (भद्रा) 05:26, 7 जन॰ तक
बव 16:27, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
11:01
चंद्रास्त
23:41
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:13
यमगंड
10:33 – 11:54
गुलिक काल
13:15 – 14:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3107:25दिन
शनि07:2508:19दिन
गुरु08:1909:13दिन
मंगल09:1310:07दिन
सूर्य10:0711:00दिन
शुक्र11:0011:54दिन
बुध11:5412:48दिन
चंद्र12:4813:42दिन
शनि13:4214:36दिन
गुरु14:3615:29दिन
मंगल15:2916:23दिन
सूर्य16:2317:17दिन
शुक्र17:1718:23रात
बुध18:2319:30रात
चंद्र19:3020:36रात
शनि20:3621:42रात
गुरु21:4222:48रात
मंगल22:4823:54रात
सूर्य23:5401:00रात
शुक्र01:0002:07रात
बुध02:0703:13रात
चंद्र03:1304:19रात
शनि04:1905:25रात
गुरु05:2506:31रात

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।