7 मार्च 2025 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 मार्च 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 मार्च 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (09:19 तक), नक्षत्र मृगशिरा (23:32 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 10:31 से 11:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:54
रात 06:04 तक
तिथि
अष्टमी, 09:19 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 23:32 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:33सामान्य
लाभ07:33 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:31शुभ
काल10:31 – 11:59टालें
शुभ11:59 – 13:28शुभ
रोग13:28 – 14:57टालें
उद्वेग14:57 – 16:25टालें
चर16:25 – 17:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:54 – 19:25टालें
काल19:25 – 20:57टालें
लाभ20:57 – 22:28शुभ
उद्वेग22:28 – 23:59टालें
शुभ23:59 – 01:30शुभ
अमृत01:30 – 03:01शुभ
चर03:01 – 04:33सामान्य
रोग04:33 – 06:04टालें

7 मार्च 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 09:19 तक
शुक्ल नवमी 08:17, 8 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 23:28, 8 मार्च तक
योग
प्रीति 18:14 तक
आयुष्मान 16:24, 8 मार्च तक
करण
बव 09:19 तक
बालव 20:44 तक
कौलव 08:17, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 11:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
11:27
चंद्रास्त
00:47
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
10:31 – 11:59
यमगंड
14:57 – 16:25
गुलिक काल
07:33 – 09:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:04दिन
बुध07:0408:03दिन
चंद्र08:0309:02दिन
शनि09:0210:01दिन
गुरु10:0111:00दिन
मंगल11:0011:59दिन
सूर्य11:5912:59दिन
शुक्र12:5913:58दिन
बुध13:5814:57दिन
चंद्र14:5715:56दिन
शनि15:5616:55दिन
गुरु16:5517:54दिन
मंगल17:5418:55रात
सूर्य18:5519:56रात
शुक्र19:5620:57रात
बुध20:5721:57रात
चंद्र21:5722:58रात
शनि22:5823:59रात
गुरु23:5901:00रात
मंगल01:0002:01रात
सूर्य02:0103:01रात
शुक्र03:0104:02रात
बुध04:0205:03रात
चंद्र05:0306:04रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।