24 अगस्त 2025 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 24 अगस्त 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 अगस्त 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (11:48 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (02:06, 25 अग॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 16:38 से 18:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:13
रात 05:28 तक
तिथि
प्रतिपदा, 11:48 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 02:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:28 – 07:03टालें
चर07:03 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:15शुभ
अमृत10:15 – 11:50शुभ
काल11:50 – 13:26टालें
शुभ13:26 – 15:02शुभ
रोग15:02 – 16:38टालें
उद्वेग16:38 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:13 – 19:38शुभ
अमृत19:38 – 21:02शुभ
चर21:02 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 23:51टालें
काल23:51 – 01:15टालें
लाभ01:15 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 04:04टालें
शुभ04:04 – 05:28शुभ

24 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 11:48 तक
शुक्ल द्वितीया 12:35, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
योग
शिव 12:29 तक
सिद्ध 12:06, 25 अग॰ तक
करण
बव 11:48 तक
बालव 00:07, 25 अग॰ तक
कौलव 12:35, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
06:13
चंद्रास्त
18:57
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
16:38 – 18:13
यमगंड
11:50 – 13:26
गुलिक काल
15:02 – 16:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2806:31दिन
शुक्र06:3107:35दिन
बुध07:3508:39दिन
चंद्र08:3909:43दिन
शनि09:4310:47दिन
गुरु10:4711:50दिन
मंगल11:5012:54दिन
सूर्य12:5413:58दिन
शुक्र13:5815:02दिन
बुध15:0216:06दिन
चंद्र16:0617:10दिन
शनि17:1018:13दिन
गुरु18:1319:10रात
मंगल19:1020:06रात
सूर्य20:0621:02रात
शुक्र21:0221:58रात
बुध21:5822:54रात
चंद्र22:5423:51रात
शनि23:5100:47रात
गुरु00:4701:43रात
मंगल01:4302:39रात
सूर्य02:3903:36रात
शुक्र03:3604:32रात
बुध04:3205:28रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।