23 अगस्त 2025 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 23 अगस्त 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 अगस्त 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (11:36 तक), नक्षत्र मघा (00:55, 24 अग॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 08:39 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:14
रात 05:28 तक
तिथि
अमावस्या, 11:36 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 00:55 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:27 – 07:03टालें
शुभ07:03 – 08:39शुभ
रोग08:39 – 10:15टालें
उद्वेग10:15 – 11:51टालें
चर11:51 – 13:27सामान्य
लाभ13:27 – 15:02शुभ
अमृत15:02 – 16:38शुभ
काल16:38 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:14 – 19:38शुभ
उद्वेग19:38 – 21:03टालें
शुभ21:03 – 22:27शुभ
अमृत22:27 – 23:51शुभ
चर23:51 – 01:15सामान्य
रोग01:15 – 02:39टालें
काल02:39 – 04:03टालें
लाभ04:03 – 05:28शुभ

23 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 11:36 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:48, 24 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 00:55, 24 अग॰ तक
योग
परिघअशुभ 13:19 तक
शिव 12:29, 24 अग॰ तक
करण
नाग 11:36 तक
किंस्तुघ्न 23:38 तक
बव 11:48, 24 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
05:17
चंद्रास्त
18:25
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 10:15
यमगंड
13:27 – 15:02
गुलिक काल
05:27 – 07:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2706:31दिन
गुरु06:3107:35दिन
मंगल07:3508:39दिन
सूर्य08:3909:43दिन
शुक्र09:4310:47दिन
बुध10:4711:51दिन
चंद्र11:5112:55दिन
शनि12:5513:59दिन
गुरु13:5915:02दिन
मंगल15:0216:06दिन
सूर्य16:0617:10दिन
शुक्र17:1018:14दिन
बुध18:1419:10रात
चंद्र19:1020:06रात
शनि20:0621:03रात
गुरु21:0321:59रात
मंगल21:5922:55रात
सूर्य22:5523:51रात
शुक्र23:5100:47रात
बुध00:4701:43रात
चंद्र01:4302:39रात
शनि02:3903:35रात
गुरु03:3504:32रात
मंगल04:3205:28रात

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।