12 अक्टूबर 2025 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 12 अक्टूबर 2025, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:17 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 15:57 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:25
रात 05:44 तक
तिथि
षष्ठी, 14:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:36 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:44 – 07:12टालें
चर07:12 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:07शुभ
अमृत10:07 – 11:35शुभ
काल11:35 – 13:02टालें
शुभ13:02 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 15:57टालें
उद्वेग15:57 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:25 – 18:58शुभ
अमृत18:58 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:02सामान्य
रोग22:02 – 23:35टालें
काल23:35 – 01:07टालें
लाभ01:07 – 02:40शुभ
उद्वेग02:40 – 04:12टालें
शुभ04:12 – 05:44शुभ

12 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:17 तक
कृष्ण सप्तमी 12:24, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 12:27, 13 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 10:55 तक
परिघअशुभ 08:10, 13 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:17 तक
विष्टि (भद्रा) 01:16, 13 अक्टू॰ तक
बव 12:24, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
21:56
चंद्रास्त
11:15
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
15:57 – 17:25
यमगंड
11:35 – 13:02
गुलिक काल
14:30 – 15:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4406:42दिन
शुक्र06:4207:41दिन
बुध07:4108:39दिन
चंद्र08:3909:38दिन
शनि09:3810:36दिन
गुरु10:3611:35दिन
मंगल11:3512:33दिन
सूर्य12:3313:31दिन
शुक्र13:3114:30दिन
बुध14:3015:28दिन
चंद्र15:2816:27दिन
शनि16:2717:25दिन
गुरु17:2518:27रात
मंगल18:2719:28रात
सूर्य19:2820:30रात
शुक्र20:3021:32रात
बुध21:3222:33रात
चंद्र22:3323:35रात
शनि23:3500:36रात
गुरु00:3601:38रात
मंगल01:3802:40रात
सूर्य02:4003:41रात
शुक्र03:4104:43रात
बुध04:4305:44रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।