18 जनवरी 2026 को रांची का चौघड़िया

रविवार, 18 जनवरी 2026, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जनवरी 2026 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:22, 19 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:14 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:25
रात 06:32 तक
तिथि
अमावस्या, 01:22 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:32 – 07:54टालें
चर07:54 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:37शुभ
अमृत10:37 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:20टालें
शुभ13:20 – 14:42शुभ
रोग14:42 – 16:04टालें
उद्वेग16:04 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:25 – 19:04शुभ
अमृत19:04 – 20:42शुभ
चर20:42 – 22:20सामान्य
रोग22:20 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:37टालें
लाभ01:37 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:32शुभ

18 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 02:14, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:52, 19 जन॰ तक
योग
हर्षण 21:11 तक
वज्रअशुभ 20:45, 19 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 12:46 तक
नाग 01:22, 19 जन॰ तक
किंस्तुघ्न 13:51, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:41 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
06:12
चंद्रास्त
16:58
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:25
यमगंड
11:59 – 13:20
गुलिक काल
14:42 – 16:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3207:26दिन
शुक्र07:2608:21दिन
बुध08:2109:15दिन
चंद्र09:1510:10दिन
शनि10:1011:04दिन
गुरु11:0411:59दिन
मंगल11:5912:53दिन
सूर्य12:5313:48दिन
शुक्र13:4814:42दिन
बुध14:4215:37दिन
चंद्र15:3716:31दिन
शनि16:3117:25दिन
गुरु17:2518:31रात
मंगल18:3119:37रात
सूर्य19:3720:42रात
शुक्र20:4221:48रात
बुध21:4822:53रात
चंद्र22:5323:59रात
शनि23:5901:04रात
गुरु01:0402:10रात
मंगल02:1003:15रात
सूर्य03:1504:21रात
शुक्र04:2105:26रात
बुध05:2606:32रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।