15 जनवरी 2027 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (14:13 तक), नक्षत्र रेवती (23:51 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 10:36 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:23
रात 06:32 तक
तिथि
सप्तमी, 14:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती, 23:51 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:32 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:36शुभ
काल10:36 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:19शुभ
रोग13:19 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:23सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:23 – 19:02टालें
काल19:02 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 22:19शुभ
उद्वेग22:19 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:15शुभ
चर03:15 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:32टालें

15 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 14:13 तक
शुक्ल अष्टमी 13:43, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:51 तक
अश्विनी 23:38, 16 जन॰ तक
योग
शिव 16:18 तक
सिद्ध 14:38, 16 जन॰ तक
करण
वणिज 14:13 तक
विष्टि (भद्रा) 02:04, 16 जन॰ तक
बव 13:43, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:51 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
10:48
चंद्रास्त
23:55
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
10:36 – 11:58
यमगंड
14:40 – 16:02
गुलिक काल
07:53 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3207:26दिन
बुध07:2608:21दिन
चंद्र08:2109:15दिन
शनि09:1510:09दिन
गुरु10:0911:03दिन
मंगल11:0311:58दिन
सूर्य11:5812:52दिन
शुक्र12:5213:46दिन
बुध13:4614:40दिन
चंद्र14:4015:35दिन
शनि15:3516:29दिन
गुरु16:2917:23दिन
मंगल17:2318:29रात
सूर्य18:2919:35रात
शुक्र19:3520:40रात
बुध20:4021:46रात
चंद्र21:4622:52रात
शनि22:5223:58रात
गुरु23:5801:03रात
मंगल01:0302:09रात
सूर्य02:0903:15रात
शुक्र03:1504:21रात
बुध04:2105:26रात
चंद्र05:2606:32रात

अयनांश 24.2348° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।