11 मार्च 2027 को रांची का चौघड़िया

गुरुवार, 11 मार्च 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 मार्च 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (15:37 तक), नक्षत्र रेवती (11:20 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 13:28 से 14:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:56
रात 06:01 तक
तिथि
तृतीया, 15:37 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 11:20 तक
अश्विनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:31शुभ
रोग07:31 – 09:00टालें
उद्वेग09:00 – 10:29टालें
चर10:29 – 11:59सामान्य
लाभ11:59 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 14:57शुभ
काल14:57 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:56 – 19:26शुभ
चर19:26 – 20:57सामान्य
रोग20:57 – 22:27टालें
काल22:27 – 23:58टालें
लाभ23:58 – 01:29शुभ
उद्वेग01:29 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:30शुभ
अमृत04:30 – 06:01शुभ

11 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 15:37 तक
शुक्ल चतुर्थी 14:57, 12 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:20 तक
अश्विनी 11:22, 12 मार्च तक
योग
ब्रह्म 23:22 तक
इंद्र 21:34, 12 मार्च तक
करण
गर 15:37 तक
वणिज 03:20, 12 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 14:57, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 11:20 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
07:27
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 14:57
यमगंड
06:02 – 07:31
गुलिक काल
09:00 – 10:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:01दिन
मंगल07:0108:01दिन
सूर्य08:0109:00दिन
शुक्र09:0010:00दिन
बुध10:0010:59दिन
चंद्र10:5911:59दिन
शनि11:5912:58दिन
गुरु12:5813:58दिन
मंगल13:5814:57दिन
सूर्य14:5715:57दिन
शुक्र15:5716:56दिन
बुध16:5617:56दिन
चंद्र17:5618:56रात
शनि18:5619:56रात
गुरु19:5620:57रात
मंगल20:5721:57रात
सूर्य21:5722:58रात
शुक्र22:5823:58रात
बुध23:5800:58रात
चंद्र00:5801:59रात
शनि01:5902:59रात
गुरु02:5904:00रात
मंगल04:0005:00रात
सूर्य05:0006:01रात

अयनांश 24.2369° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।