16 मार्च 2027 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 16 मार्च 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 मार्च 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (08:54 तक), नक्षत्र मृगशिरा (08:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 14:57 से 16:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:58
रात 05:56 तक
तिथि
अष्टमी, 08:54 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:57 – 07:27टालें
उद्वेग07:27 – 08:57टालें
चर08:57 – 10:27सामान्य
लाभ10:27 – 11:57शुभ
अमृत11:57 – 13:27शुभ
काल13:27 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:28शुभ
रोग16:28 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:58 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 20:57शुभ
उद्वेग20:57 – 22:27टालें
शुभ22:27 – 23:57शुभ
अमृत23:57 – 01:26शुभ
चर01:26 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:26टालें
काल04:26 – 05:56टालें

16 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 08:54 तक
शुक्ल नवमी 06:44, 17 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:45, 17 मार्च तक
योग
आयुष्मान 11:50 तक
सौभाग्य 08:53, 17 मार्च तक
करण
बव 08:54 तक
बालव 19:51 तक
कौलव 06:44, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
11:36
चंद्रास्त
00:52
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
14:57 – 16:28
यमगंड
08:57 – 10:27
गुलिक काल
11:57 – 13:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5706:57दिन
सूर्य06:5707:57दिन
शुक्र07:5708:57दिन
बुध08:5709:57दिन
चंद्र09:5710:57दिन
शनि10:5711:57दिन
गुरु11:5712:57दिन
मंगल12:5713:57दिन
सूर्य13:5714:57दिन
शुक्र14:5715:57दिन
बुध15:5716:58दिन
चंद्र16:5817:58दिन
शनि17:5818:57रात
गुरु18:5719:57रात
मंगल19:5720:57रात
सूर्य20:5721:57रात
शुक्र21:5722:57रात
बुध22:5723:57रात
चंद्र23:5700:57रात
शनि00:5701:56रात
गुरु01:5602:56रात
मंगल02:5603:56रात
सूर्य03:5604:56रात
शुक्र04:5605:56रात

अयनांश 24.2371° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।