6 अप्रैल 2027 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (05:40 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:23 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 14:58 से 16:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:06
रात 05:35 तक
तिथि
अमावस्या, 05:21 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:23 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:36 – 07:10टालें
उद्वेग07:10 – 08:44टालें
चर08:44 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:51शुभ
अमृत11:51 – 13:25शुभ
काल13:25 – 14:58टालें
शुभ14:58 – 16:32शुभ
रोग16:32 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:06 – 19:32टालें
लाभ19:32 – 20:58शुभ
उद्वेग20:58 – 22:24टालें
शुभ22:24 – 23:51शुभ
अमृत23:51 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:43सामान्य
रोग02:43 – 04:09टालें
काल04:09 – 05:35टालें

6 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 05:40 तक
अमावस्या 05:21, 7 अप्रैल तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:29, 8 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 18:25, 7 अप्रैल तक
योग
ब्रह्म 08:51 तक
इंद्र 07:26, 7 अप्रैल तक
करण
शकुनि 05:40 तक
चतुष्पद 17:35 तक
नाग 05:21, 7 अप्रैल तक
किंस्तुघ्न 16:58, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
04:52
चंद्रास्त
17:35
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
14:58 – 16:32
यमगंड
08:44 – 10:17
गुलिक काल
11:51 – 13:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3606:39दिन
सूर्य06:3907:41दिन
शुक्र07:4108:44दिन
बुध08:4409:46दिन
चंद्र09:4610:49दिन
शनि10:4911:51दिन
गुरु11:5112:53दिन
मंगल12:5313:56दिन
सूर्य13:5614:58दिन
शुक्र14:5816:01दिन
बुध16:0117:03दिन
चंद्र17:0318:06दिन
शनि18:0619:03रात
गुरु19:0320:01रात
मंगल20:0120:58रात
सूर्य20:5821:56रात
शुक्र21:5622:53रात
बुध22:5323:51रात
चंद्र23:5100:48रात
शनि00:4801:45रात
गुरु01:4502:43रात
मंगल02:4303:40रात
सूर्य03:4004:38रात
शुक्र04:3805:35रात

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।