22 अक्टूबर 2027 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (11:56 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (20:25 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 10:07 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:17
रात 05:49 तक
तिथि
सप्तमी, 11:56 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 20:25 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:48 – 07:14सामान्य
लाभ07:14 – 08:40शुभ
अमृत08:40 – 10:07शुभ
काल10:07 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:25टालें
उद्वेग14:25 – 15:51टालें
चर15:51 – 17:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:17 – 18:51टालें
काल18:51 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 21:59शुभ
उद्वेग21:59 – 23:33टालें
शुभ23:33 – 01:07शुभ
अमृत01:07 – 02:41शुभ
चर02:41 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:49टालें

22 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 11:56 तक
कृष्ण अष्टमी 09:59, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 19:07, 23 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 23:30 तक
साध्य 20:42, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:56 तक
बालव 22:59 तक
कौलव 09:59, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 14:43 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
23:13
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:07 – 11:33
यमगंड
14:25 – 15:51
गुलिक काल
07:14 – 08:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4806:46दिन
बुध06:4607:43दिन
चंद्र07:4308:40दिन
शनि08:4009:38दिन
गुरु09:3810:35दिन
मंगल10:3511:33दिन
सूर्य11:3312:30दिन
शुक्र12:3013:27दिन
बुध13:2714:25दिन
चंद्र14:2515:22दिन
शनि15:2216:20दिन
गुरु16:2017:17दिन
मंगल17:1718:20रात
सूर्य18:2019:22रात
शुक्र19:2220:25रात
बुध20:2521:28रात
चंद्र21:2822:30रात
शनि22:3023:33रात
गुरु23:3300:36रात
मंगल00:3601:38रात
सूर्य01:3802:41रात
शुक्र02:4103:43रात
बुध03:4304:46रात
चंद्र04:4605:49रात

अयनांश 24.2455° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।