6 जनवरी 2028 को रांची का चौघड़िया

गुरुवार, 6 जनवरी 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 जनवरी 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (20:35 तक), नक्षत्र अश्विनी (03:35, 7 जन॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 13:15 से 14:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:17
रात 06:31 तक
तिथि
नवमी, 20:35 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 03:35 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 07:52शुभ
रोग07:52 – 09:12टालें
उद्वेग09:12 – 10:33टालें
चर10:33 – 11:54सामान्य
लाभ11:54 – 13:15शुभ
अमृत13:15 – 14:35शुभ
काल14:35 – 15:56टालें
शुभ15:56 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:17 – 18:56शुभ
चर18:56 – 20:35सामान्य
रोग20:35 – 22:15टालें
काल22:15 – 23:54टालें
लाभ23:54 – 01:33शुभ
उद्वेग01:33 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:52शुभ
अमृत04:52 – 06:31शुभ

6 जनवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 20:35 तक
शुक्ल दशमी 20:30, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 03:35, 7 जन॰ तक
भरणी 03:52, 8 जन॰ तक
योग
शिव 12:50 तक
सिद्ध 11:48, 7 जन॰ तक
करण
बालव 08:18 तक
कौलव 20:35 तक
तैतिल 08:39, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
12:00
चंद्रास्त
00:30
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
13:15 – 14:35
यमगंड
06:31 – 07:52
गुलिक काल
09:12 – 10:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:25दिन
मंगल07:2508:19दिन
सूर्य08:1909:12दिन
शुक्र09:1210:06दिन
बुध10:0611:00दिन
चंद्र11:0011:54दिन
शनि11:5412:48दिन
गुरु12:4813:41दिन
मंगल13:4114:35दिन
सूर्य14:3515:29दिन
शुक्र15:2916:23दिन
बुध16:2317:17दिन
चंद्र17:1718:23रात
शनि18:2319:29रात
गुरु19:2920:35रात
मंगल20:3521:42रात
सूर्य21:4222:48रात
शुक्र22:4823:54रात
बुध23:5401:00रात
चंद्र01:0002:06रात
शनि02:0603:13रात
गुरु03:1304:19रात
मंगल04:1905:25रात
सूर्य05:2506:31रात

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।