7 मार्च 2028 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 7 मार्च 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 मार्च 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (20:30 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (17:14 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 14:57 से 16:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:54
रात 06:04 तक
तिथि
एकादशी, 20:30 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 17:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:05 – 07:33टालें
उद्वेग07:33 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:31सामान्य
लाभ10:31 – 11:59शुभ
अमृत11:59 – 13:28शुभ
काल13:28 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:25शुभ
रोग16:25 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:54 – 19:25टालें
लाभ19:25 – 20:57शुभ
उद्वेग20:57 – 22:28टालें
शुभ22:28 – 23:59शुभ
अमृत23:59 – 01:30शुभ
चर01:30 – 03:01सामान्य
रोग03:01 – 04:32टालें
काल04:32 – 06:04टालें

7 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 20:30 तक
शुक्ल द्वादशी 17:27, 8 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 15:00, 8 मार्च तक
योग
सौभाग्य 12:18 तक
शोभन 08:48, 8 मार्च तक
करण
वणिज 09:50 तक
विष्टि (भद्रा) 20:30 तक
बव 07:02, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 11:42 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
13:58
चंद्रास्त
02:52
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
14:57 – 16:25
यमगंड
09:02 – 10:31
गुलिक काल
11:59 – 13:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0507:04दिन
सूर्य07:0408:03दिन
शुक्र08:0309:02दिन
बुध09:0210:01दिन
चंद्र10:0111:00दिन
शनि11:0011:59दिन
गुरु11:5912:58दिन
मंगल12:5813:58दिन
सूर्य13:5814:57दिन
शुक्र14:5715:56दिन
बुध15:5616:55दिन
चंद्र16:5517:54दिन
शनि17:5418:55रात
गुरु18:5519:56रात
मंगल19:5620:57रात
सूर्य20:5721:57रात
शुक्र21:5722:58रात
बुध22:5823:59रात
चंद्र23:5901:00रात
शनि01:0002:00रात
गुरु02:0003:01रात
मंगल03:0104:02रात
सूर्य04:0205:03रात
शुक्र05:0306:04रात

अयनांश 24.2507° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।