8 अप्रैल 2028 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 8 अप्रैल 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 अप्रैल 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (19:11 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (14:23 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 08:42 से 10:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 18:07
रात 05:33 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:11 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 14:23 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:34 – 07:08टालें
शुभ07:08 – 08:42शुभ
रोग08:42 – 10:16टालें
उद्वेग10:16 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:33शुभ
काल16:33 – 18:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:07 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:24शुभ
अमृत22:24 – 23:50शुभ
चर23:50 – 01:15सामान्य
रोग01:15 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:33शुभ

8 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 19:11 तक
पूर्णिमा 15:56, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 11:52, 9 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 22:14 तक
व्याघातअशुभ 18:27, 9 अप्रैल तक
करण
गर 08:52 तक
वणिज 19:11 तक
विष्टि (भद्रा) 05:32, 9 अप्रैल तक
बव 15:56, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
17:06
चंद्रास्त
04:21
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:42 – 10:16
यमगंड
13:24 – 14:58
गुलिक काल
05:34 – 07:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3406:36दिन
गुरु06:3607:39दिन
मंगल07:3908:42दिन
सूर्य08:4209:45दिन
शुक्र09:4510:47दिन
बुध10:4711:50दिन
चंद्र11:5012:53दिन
शनि12:5313:56दिन
गुरु13:5614:58दिन
मंगल14:5816:01दिन
सूर्य16:0117:04दिन
शुक्र17:0418:07दिन
बुध18:0719:04रात
चंद्र19:0420:01रात
शनि20:0120:58रात
गुरु20:5821:55रात
मंगल21:5522:53रात
सूर्य22:5323:50रात
शुक्र23:5000:47रात
बुध00:4701:44रात
चंद्र01:4402:41रात
शनि02:4103:38रात
गुरु03:3804:36रात
मंगल04:3605:33रात

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।