18 अगस्त 2028 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 अगस्त 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 अगस्त 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:00 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (15:18 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 10:15 से 11:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 18:18
रात 05:26 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:00 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 15:18 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:26 – 07:02सामान्य
लाभ07:02 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:15शुभ
काल10:15 – 11:52टालें
शुभ11:52 – 13:28शुभ
रोग13:28 – 15:05टालें
उद्वेग15:05 – 16:42टालें
चर16:42 – 18:18सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:18 – 19:42टालें
काल19:42 – 21:05टालें
लाभ21:05 – 22:29शुभ
उद्वेग22:29 – 23:52टालें
शुभ23:52 – 01:16शुभ
अमृत01:16 – 02:39शुभ
चर02:39 – 04:02सामान्य
रोग04:02 – 05:26टालें

18 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:00 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:47, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:02, 19 अग॰ तक
योग
सिद्धि 12:38 तक
व्यतीपातअशुभ 09:07, 19 अग॰ तक
करण
गर 12:26 तक
वणिज 23:00 तक
विष्टि (भद्रा) 09:27, 19 अग॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 09:47 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
02:48
चंद्रास्त
16:36
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
10:15 – 11:52
यमगंड
15:05 – 16:42
गुलिक काल
07:02 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2606:30दिन
बुध06:3007:34दिन
चंद्र07:3408:39दिन
शनि08:3909:43दिन
गुरु09:4310:47दिन
मंगल10:4711:52दिन
सूर्य11:5212:56दिन
शुक्र12:5614:01दिन
बुध14:0115:05दिन
चंद्र15:0516:09दिन
शनि16:0917:14दिन
गुरु17:1418:18दिन
मंगल18:1819:14रात
सूर्य19:1420:10रात
शुक्र20:1021:05रात
बुध21:0522:01रात
चंद्र22:0122:56रात
शनि22:5623:52रात
गुरु23:5200:48रात
मंगल00:4801:43रात
सूर्य01:4302:39रात
शुक्र02:3903:35रात
बुध03:3504:30रात
चंद्र04:3005:26रात

अयनांश 24.2570° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।