12 जनवरी 2029 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 जनवरी 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 जनवरी 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:06 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (14:56 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 10:35 से 11:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:21
रात 06:32 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 14:56 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:32 – 07:53सामान्य
लाभ07:53 – 09:14शुभ
अमृत09:14 – 10:35शुभ
काल10:35 – 11:57टालें
शुभ11:57 – 13:18शुभ
रोग13:18 – 14:39टालें
उद्वेग14:39 – 16:00टालें
चर16:00 – 17:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:21 – 19:00टालें
काल19:00 – 20:39टालें
लाभ20:39 – 22:18शुभ
उद्वेग22:18 – 23:57टालें
शुभ23:57 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:14शुभ
चर03:14 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:32टालें

12 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:06 तक
कृष्ण चतुर्दशी 22:47, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 15:04, 13 जन॰ तक
योग
वृद्धि 12:23 तक
ध्रुव 10:45, 13 जन॰ तक
करण
गर 11:26 तक
वणिज 23:06 तक
विष्टि (भद्रा) 10:53, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
04:17
चंद्रास्त
15:07
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 11:57
यमगंड
14:39 – 16:00
गुलिक काल
07:53 – 09:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3207:26दिन
बुध07:2608:20दिन
चंद्र08:2009:14दिन
शनि09:1410:08दिन
गुरु10:0811:03दिन
मंगल11:0311:57दिन
सूर्य11:5712:51दिन
शुक्र12:5113:45दिन
बुध13:4514:39दिन
चंद्र14:3915:33दिन
शनि15:3316:27दिन
गुरु16:2717:21दिन
मंगल17:2118:27रात
सूर्य18:2719:33रात
शुक्र19:3320:39रात
बुध20:3921:45रात
चंद्र21:4522:51रात
शनि22:5123:57रात
गुरु23:5701:03रात
मंगल01:0302:08रात
सूर्य02:0803:14रात
शुक्र03:1404:20रात
बुध04:2005:26रात
चंद्र05:2606:32रात

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।