27 जनवरी 2029 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 27 जनवरी 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 जनवरी 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (16:49 तक), नक्षत्र मृगशिरा (15:15 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 09:16 से 10:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:32
रात 06:30 तक
तिथि
द्वादशी, 16:49 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 15:15 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:30 – 07:53टालें
शुभ07:53 – 09:16शुभ
रोग09:16 – 10:38टालें
उद्वेग10:38 – 12:01टालें
चर12:01 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:47शुभ
अमृत14:47 – 16:09शुभ
काल16:09 – 17:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:32 – 19:09शुभ
उद्वेग19:09 – 20:47टालें
शुभ20:47 – 22:24शुभ
अमृत22:24 – 00:01शुभ
चर00:01 – 01:38सामान्य
रोग01:38 – 03:15टालें
काल03:15 – 04:53टालें
लाभ04:53 – 06:30शुभ

27 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 16:49 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:41, 28 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 14:48, 28 जन॰ तक
योग
इंद्र 09:27 तक
वैधृतिअशुभ 07:31, 28 जन॰ तक
करण
बालव 16:49 तक
कौलव 04:21, 28 जन॰ तक
तैतिल 15:41, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
14:38
चंद्रास्त
03:44
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
09:16 – 10:38
यमगंड
13:24 – 14:47
गुलिक काल
06:30 – 07:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3007:25दिन
गुरु07:2508:20दिन
मंगल08:2009:16दिन
सूर्य09:1610:11दिन
शुक्र10:1111:06दिन
बुध11:0612:01दिन
चंद्र12:0112:56दिन
शनि12:5613:51दिन
गुरु13:5114:47दिन
मंगल14:4715:42दिन
सूर्य15:4216:37दिन
शुक्र16:3717:32दिन
बुध17:3218:37रात
चंद्र18:3719:42रात
शनि19:4220:47रात
गुरु20:4721:51रात
मंगल21:5122:56रात
सूर्य22:5600:01रात
शुक्र00:0101:06रात
बुध01:0602:11रात
चंद्र02:1103:15रात
शनि03:1504:20रात
गुरु04:2005:25रात
मंगल05:2506:30रात

अयनांश 24.2632° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।