7 मार्च 2029 को रांची का चौघड़िया

बुधवार, 7 मार्च 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 मार्च 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (01:00, 8 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (02:23, 8 मार्च तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 11:59 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:54
रात 06:04 तक
तिथि
अष्टमी, 01:00 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 02:23 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:05 – 07:33शुभ
अमृत07:33 – 09:02शुभ
काल09:02 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 11:59शुभ
रोग11:59 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 14:57टालें
चर14:57 – 16:25सामान्य
लाभ16:25 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:54 – 19:25टालें
शुभ19:25 – 20:57शुभ
अमृत20:57 – 22:28शुभ
चर22:28 – 23:59सामान्य
रोग23:59 – 01:30टालें
काल01:30 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:33शुभ
उद्वेग04:33 – 06:04टालें

7 मार्च 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 01:00, 8 मार्च तक
कृष्ण नवमी 00:50, 9 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:23, 8 मार्च तक
मूल 02:52, 9 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 20:50 तक
सिद्धि 19:26, 8 मार्च तक
करण
बालव 13:21 तक
कौलव 01:00, 8 मार्च तक
तैतिल 12:50, 8 मार्च तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 02:23, 8 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
00:05
चंद्रास्त
10:57
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:23 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:59 – 13:28
यमगंड
07:33 – 09:02
गुलिक काल
10:31 – 11:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0507:04दिन
चंद्र07:0408:03दिन
शनि08:0309:02दिन
गुरु09:0210:01दिन
मंगल10:0111:00दिन
सूर्य11:0011:59दिन
शुक्र11:5912:59दिन
बुध12:5913:58दिन
चंद्र13:5814:57दिन
शनि14:5715:56दिन
गुरु15:5616:55दिन
मंगल16:5517:54दिन
सूर्य17:5418:55रात
शुक्र18:5519:56रात
बुध19:5620:57रात
चंद्र20:5721:57रात
शनि21:5722:58रात
गुरु22:5823:59रात
मंगल23:5901:00रात
सूर्य01:0002:01रात
शुक्र02:0103:01रात
बुध03:0104:02रात
चंद्र04:0205:03रात
शनि05:0306:04रात

अयनांश 24.2647° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।