16 मार्च 2029 को रांची का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 मार्च 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 मार्च 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:13 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:14 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 10:27 से 11:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:58
रात 05:55 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:13 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:14 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:56 – 07:26सामान्य
लाभ07:26 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:27शुभ
काल10:27 – 11:57टालें
शुभ11:57 – 13:27शुभ
रोग13:27 – 14:57टालें
उद्वेग14:57 – 16:28टालें
चर16:28 – 17:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:58 – 19:27टालें
काल19:27 – 20:57टालें
लाभ20:57 – 22:27शुभ
उद्वेग22:27 – 23:57टालें
शुभ23:57 – 01:26शुभ
अमृत01:26 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:26सामान्य
रोग04:26 – 05:55टालें

16 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:13 तक
शुक्ल द्वितीया 14:43, 17 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 21:13, 17 मार्च तक
योग
शुक्ल 20:49 तक
ब्रह्म 21:43, 17 मार्च तक
करण
बव 12:13 तक
बालव 01:28, 17 मार्च तक
कौलव 14:43, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
06:12
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 11:57
यमगंड
14:57 – 16:28
गुलिक काल
07:26 – 08:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5606:56दिन
बुध06:5607:57दिन
चंद्र07:5708:57दिन
शनि08:5709:57दिन
गुरु09:5710:57दिन
मंगल10:5711:57दिन
सूर्य11:5712:57दिन
शुक्र12:5713:57दिन
बुध13:5714:57दिन
चंद्र14:5715:58दिन
शनि15:5816:58दिन
गुरु16:5817:58दिन
मंगल17:5818:58रात
सूर्य18:5819:57रात
शुक्र19:5720:57रात
बुध20:5721:57रात
चंद्र21:5722:57रात
शनि22:5723:57रात
गुरु23:5700:56रात
मंगल00:5601:56रात
सूर्य01:5602:56रात
शुक्र02:5603:56रात
बुध03:5604:55रात
चंद्र04:5505:55रात

अयनांश 24.2650° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।