20 अक्टूबर 2029 को रांची का चौघड़िया

शनिवार, 20 अक्टूबर 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 अक्टूबर 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (10:18 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (02:01, 21 अक्टू॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 08:40 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:18
रात 05:48 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:18 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 02:01 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:48 – 07:14टालें
शुभ07:14 – 08:40शुभ
रोग08:40 – 10:07टालें
उद्वेग10:07 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:59सामान्य
लाभ12:59 – 14:26शुभ
अमृत14:26 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:18 – 18:52शुभ
उद्वेग18:52 – 20:26टालें
शुभ20:26 – 21:59शुभ
अमृत21:59 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:07सामान्य
रोग01:07 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:14टालें
लाभ04:14 – 05:48शुभ

20 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 10:18 तक
शुक्ल चतुर्दशी 12:32, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 02:01, 21 अक्टू॰ तक
रेवती 04:52, 22 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 07:19 तक
व्याघातअशुभ 07:58, 21 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:18 तक
गर 23:23 तक
वणिज 12:32, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
15:54
चंद्रास्त
03:53
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:40 – 10:07
यमगंड
12:59 – 14:26
गुलिक काल
05:48 – 07:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4806:45दिन
गुरु06:4507:43दिन
मंगल07:4308:40दिन
सूर्य08:4009:38दिन
शुक्र09:3810:35दिन
बुध10:3511:33दिन
चंद्र11:3312:30दिन
शनि12:3013:28दिन
गुरु13:2814:26दिन
मंगल14:2615:23दिन
सूर्य15:2316:21दिन
शुक्र16:2117:18दिन
बुध17:1818:21रात
चंद्र18:2119:23रात
शनि19:2320:26रात
गुरु20:2621:28रात
मंगल21:2822:31रात
सूर्य22:3123:33रात
शुक्र23:3300:36रात
बुध00:3601:38रात
चंद्र01:3802:41रात
शनि02:4103:43रात
गुरु03:4304:45रात
मंगल04:4505:48रात

अयनांश 24.2734° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।