23 अक्टूबर 2029 को रांची का चौघड़िया

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2029, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2029 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (17:30 तक), नक्षत्र अश्विनी (07:51 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 14:24 से 15:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 17:16
रात 05:49 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:49 – 07:15टालें
उद्वेग07:15 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:07सामान्य
लाभ10:07 – 11:32शुभ
अमृत11:32 – 12:58शुभ
काल12:58 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:50शुभ
रोग15:50 – 17:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:16 – 18:50टालें
लाभ18:50 – 20:24शुभ
उद्वेग20:24 – 21:58टालें
शुभ21:58 – 23:33शुभ
अमृत23:33 – 01:07शुभ
चर01:07 – 02:41सामान्य
रोग02:41 – 04:15टालें
काल04:15 – 05:49टालें

23 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 17:30 तक
कृष्ण द्वितीया 20:04, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:53, 24 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 09:40 तक
सिद्धि 10:37, 24 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 17:30 तक
तैतिल 06:47, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
17:41
चंद्रास्त
06:25
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
14:24 – 15:50
यमगंड
08:41 – 10:07
गुलिक काल
11:32 – 12:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4906:46दिन
सूर्य06:4607:43दिन
शुक्र07:4308:41दिन
बुध08:4109:38दिन
चंद्र09:3810:35दिन
शनि10:3511:32दिन
गुरु11:3212:30दिन
मंगल12:3013:27दिन
सूर्य13:2714:24दिन
शुक्र14:2415:21दिन
बुध15:2116:19दिन
चंद्र16:1917:16दिन
शनि17:1618:19रात
गुरु18:1919:22रात
मंगल19:2220:24रात
सूर्य20:2421:27रात
शुक्र21:2722:30रात
बुध22:3023:33रात
चंद्र23:3300:35रात
शनि00:3501:38रात
गुरु01:3802:41रात
मंगल02:4103:44रात
सूर्य03:4404:47रात
शुक्र04:4705:49रात

अयनांश 24.2735° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।