31 दिसंबर 2024 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 31 दिसंबर 2024, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 दिसंबर 2024 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (03:22, 1 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (00:03, 1 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 14:53 से 16:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 17:27
रात 07:12 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:22 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 00:03 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:12 – 08:29टालें
उद्वेग08:29 – 09:46टालें
चर09:46 – 11:03सामान्य
लाभ11:03 – 12:19शुभ
अमृत12:19 – 13:36शुभ
काल13:36 – 14:53टालें
शुभ14:53 – 16:10शुभ
रोग16:10 – 17:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:27 – 19:10टालें
लाभ19:10 – 20:53शुभ
उद्वेग20:53 – 22:36टालें
शुभ22:36 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 02:03शुभ
चर02:03 – 03:46सामान्य
रोग03:46 – 05:29टालें
काल05:29 – 07:12टालें

31 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 03:22, 1 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 02:24, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 00:03, 1 जन॰ तक
उत्तराषाढ़ा 23:46, 1 जन॰ तक
योग
ध्रुव 18:59 तक
व्याघातअशुभ 17:06, 1 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 15:42 तक
बव 03:22, 1 जन॰ तक
बालव 14:56, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 06:01, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
07:41
चंद्रास्त
17:43
दिनमान
10h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
14:53 – 16:10
यमगंड
09:46 – 11:03
गुलिक काल
12:19 – 13:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1208:03दिन
सूर्य08:0308:55दिन
शुक्र08:5509:46दिन
बुध09:4610:37दिन
चंद्र10:3711:28दिन
शनि11:2812:19दिन
गुरु12:1913:11दिन
मंगल13:1114:02दिन
सूर्य14:0214:53दिन
शुक्र14:5315:44दिन
बुध15:4416:36दिन
चंद्र16:3617:27दिन
शनि17:2718:36रात
गुरु18:3619:44रात
मंगल19:4420:53रात
सूर्य20:5322:02रात
शुक्र22:0223:11रात
बुध23:1100:20रात
चंद्र00:2001:28रात
शनि01:2802:37रात
गुरु02:3703:46रात
मंगल03:4604:55रात
सूर्य04:5506:04रात
शुक्र06:0407:12रात

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।