29 मार्च 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 29 मार्च 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 मार्च 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:27 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:26 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:33
रात 06:08 तक
तिथि
अमावस्या, 16:27 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:26 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:09 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:48टालें
उद्वेग10:48 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 17:00शुभ
काल17:00 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:33 – 20:00शुभ
उद्वेग20:00 – 21:27टालें
शुभ21:27 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:48सामान्य
रोग01:48 – 03:14टालें
काल03:14 – 04:41टालें
लाभ04:41 – 06:08शुभ

29 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 16:27 तक
शुक्ल प्रतिपदा 12:49, 30 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 16:35, 30 मार्च तक
योग
ब्रह्म 22:03 तक
इंद्र 17:53, 30 मार्च तक
करण
चतुष्पद 06:13 तक
नाग 16:27 तक
किंस्तुघ्न 02:39, 30 मार्च तक
बव 12:49, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
05:55
चंद्रास्त
18:35
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:48
यमगंड
13:54 – 15:27
गुलिक काल
06:09 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0907:11दिन
गुरु07:1108:13दिन
मंगल08:1309:15दिन
सूर्य09:1510:17दिन
शुक्र10:1711:19दिन
बुध11:1912:21दिन
चंद्र12:2113:23दिन
शनि13:2314:25दिन
गुरु14:2515:27दिन
मंगल15:2716:29दिन
सूर्य16:2917:31दिन
शुक्र17:3118:33दिन
बुध18:3319:31रात
चंद्र19:3120:29रात
शनि20:2921:27रात
गुरु21:2722:25रात
मंगल22:2523:23रात
सूर्य23:2300:21रात
शुक्र00:2101:19रात
बुध01:1902:17रात
चंद्र02:1703:14रात
शनि03:1404:12रात
गुरु04:1205:10रात
मंगल05:1006:08रात

अयनांश 24.2096° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।