21 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 21 अप्रैल 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 21 अप्रैल 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (18:59 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:37 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 07:21 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:47
रात 05:42 तक
तिथि
अष्टमी, 18:59 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:37 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:43 – 07:21शुभ
काल07:21 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:37शुभ
रोग10:37 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 17:09शुभ
अमृत17:09 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:47 – 20:09सामान्य
रोग20:09 – 21:31टालें
काल21:31 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:37टालें
शुभ01:37 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:42सामान्य

21 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 18:59 तक
कृष्ण नवमी 18:13, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 12:44, 22 अप्रैल तक
योग
साध्य 23:00 तक
शुभ 21:13, 22 अप्रैल तक
करण
बालव 07:05 तक
कौलव 18:59 तक
तैतिल 06:41, 22 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
01:28
चंद्रास्त
11:48
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
07:21 – 08:59
यमगंड
10:37 – 12:15
गुलिक काल
13:53 – 15:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4306:48दिन
शनि06:4807:54दिन
गुरु07:5408:59दिन
मंगल08:5910:05दिन
सूर्य10:0511:10दिन
शुक्र11:1012:15दिन
बुध12:1513:21दिन
चंद्र13:2114:26दिन
शनि14:2615:31दिन
गुरु15:3116:37दिन
मंगल16:3717:42दिन
सूर्य17:4218:47दिन
शुक्र18:4719:42रात
बुध19:4220:36रात
चंद्र20:3621:31रात
शनि21:3122:26रात
गुरु22:2623:20रात
मंगल23:2000:15रात
सूर्य00:1501:09रात
शुक्र01:0902:04रात
बुध02:0402:58रात
चंद्र02:5803:53रात
शनि03:5304:48रात
गुरु04:4805:42रात

अयनांश 24.2105° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।