4 सितंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 4 सितंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (04:08, 5 सित॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:44 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 18:35
रात 05:55 तक
तिथि
द्वादशी, 04:08 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:44 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:55 – 07:30शुभ
रोग07:30 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:40टालें
चर10:40 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:25शुभ
काल15:25 – 17:00टालें
शुभ17:00 – 18:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:35 – 20:00शुभ
चर20:00 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:30शुभ
अमृत04:30 – 05:55शुभ

4 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 04:08, 5 सित॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 03:13, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:38, 5 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 15:21 तक
शोभन 13:52, 5 सित॰ तक
करण
बव 16:20 तक
बालव 04:08, 5 सित॰ तक
कौलव 15:46, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
16:35
चंद्रास्त
01:57
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:25
यमगंड
05:55 – 07:30
गुलिक काल
09:05 – 10:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5506:58दिन
मंगल06:5808:02दिन
सूर्य08:0209:05दिन
शुक्र09:0510:08दिन
बुध10:0811:12दिन
चंद्र11:1212:15दिन
शनि12:1513:19दिन
गुरु13:1914:22दिन
मंगल14:2215:25दिन
सूर्य15:2516:29दिन
शुक्र16:2917:32दिन
बुध17:3218:35दिन
चंद्र18:3519:32रात
शनि19:3220:29रात
गुरु20:2921:25रात
मंगल21:2522:22रात
सूर्य22:2223:19रात
शुक्र23:1900:15रात
बुध00:1501:12रात
चंद्र01:1202:09रात
शनि02:0903:05रात
गुरु03:0504:02रात
मंगल04:0204:59रात
सूर्य04:5905:55रात

अयनांश 24.2157° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।