7 अक्टूबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:17 तक), नक्षत्र रेवती (01:28, 8 अक्टू॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 17:55
रात 06:14 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:53 तक
नक्षत्र
रेवती, 01:28 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:13 – 07:41टालें
उद्वेग07:41 – 09:09टालें
चर09:09 – 10:36सामान्य
लाभ10:36 – 12:04शुभ
अमृत12:04 – 13:32शुभ
काल13:32 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:55 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:37शुभ
चर01:37 – 03:09सामान्य
रोग03:09 – 04:41टालें
काल04:41 – 06:14टालें

7 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 09:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा 05:53, 8 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:23, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:28, 8 अक्टू॰ तक
अश्विनी 22:44, 8 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 09:31 तक
व्याघातअशुभ 05:35, 8 अक्टू॰ तक
हर्षण 01:32, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:17 तक
बालव 19:37 तक
कौलव 05:53, 8 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:08, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:28, 8 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
17:56
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:27
यमगंड
09:09 – 10:36
गुलिक काल
12:04 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1307:12दिन
सूर्य07:1208:10दिन
शुक्र08:1009:09दिन
बुध09:0910:07दिन
चंद्र10:0711:05दिन
शनि11:0512:04दिन
गुरु12:0413:02दिन
मंगल13:0214:01दिन
सूर्य14:0114:59दिन
शुक्र14:5915:58दिन
बुध15:5816:56दिन
चंद्र16:5617:55दिन
शनि17:5518:56रात
गुरु18:5619:58रात
मंगल19:5820:59रात
सूर्य20:5922:01रात
शुक्र22:0123:03रात
बुध23:0300:04रात
चंद्र00:0401:06रात
शनि01:0602:07रात
गुरु02:0703:09रात
मंगल03:0904:11रात
सूर्य04:1105:12रात
शुक्र05:1206:14रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।