22 नवंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 22 नवंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 नवंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (17:11 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (16:47 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 09:25 से 10:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:17
रात 06:48 तक
तिथि
द्वितीया, 17:11 तक
तृतीया
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 16:47 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:47 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:25शुभ
रोग09:25 – 10:44टालें
उद्वेग10:44 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:21सामान्य
लाभ13:21 – 14:40शुभ
अमृत14:40 – 15:59शुभ
काल15:59 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:17 – 18:59शुभ
उद्वेग18:59 – 20:40टालें
शुभ20:40 – 22:21शुभ
अमृत22:21 – 00:03शुभ
चर00:03 – 01:44सामान्य
रोग01:44 – 03:25टालें
काल03:25 – 05:07टालें
लाभ05:07 – 06:48शुभ

22 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 17:11 तक
शुक्ल तृतीया 19:25, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 19:28, 23 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 11:29 तक
धृति 12:08, 23 नव॰ तक
करण
कौलव 17:11 तक
तैतिल 06:20, 23 नव॰ तक
गर 19:25, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
08:39
चंद्रास्त
18:34
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
09:25 – 10:44
यमगंड
13:21 – 14:40
गुलिक काल
06:47 – 08:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4707:40दिन
गुरु07:4008:32दिन
मंगल08:3209:25दिन
सूर्य09:2510:17दिन
शुक्र10:1711:10दिन
बुध11:1012:02दिन
चंद्र12:0212:55दिन
शनि12:5513:47दिन
गुरु13:4714:40दिन
मंगल14:4015:32दिन
सूर्य15:3216:25दिन
शुक्र16:2517:17दिन
बुध17:1718:25रात
चंद्र18:2519:32रात
शनि19:3220:40रात
गुरु20:4021:48रात
मंगल21:4822:55रात
सूर्य22:5500:03रात
शुक्र00:0301:10रात
बुध01:1002:18रात
चंद्र02:1803:25रात
शनि03:2504:33रात
गुरु04:3305:41रात
मंगल05:4106:48रात

अयनांश 24.2187° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।