19 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (07:13, 20 दिस॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (22:51 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:20
रात 07:08 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 22:51 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:07 – 08:24सामान्य
लाभ08:24 – 09:40शुभ
अमृत09:40 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:13टालें
शुभ12:13 – 13:30शुभ
रोग13:30 – 14:47टालें
उद्वेग14:47 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:20सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:20 – 19:03टालें
काल19:03 – 20:47टालें
लाभ20:47 – 22:30शुभ
उद्वेग22:30 – 00:14टालें
शुभ00:14 – 01:57शुभ
अमृत01:57 – 03:41शुभ
चर03:41 – 05:24सामान्य
रोग05:24 – 07:08टालें

19 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 07:13, 20 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 01:21, 21 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 15:46 तक
गंडअशुभ 16:17, 20 दिस॰ तक
करण
चतुष्पद 18:08 तक
नाग 07:13, 20 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
16:30
दिनमान
10h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:13
यमगंड
14:47 – 16:03
गुलिक काल
08:24 – 09:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0707:58दिन
बुध07:5808:49दिन
चंद्र08:4909:40दिन
शनि09:4010:31दिन
गुरु10:3111:22दिन
मंगल11:2212:13दिन
सूर्य12:1313:04दिन
शुक्र13:0413:55दिन
बुध13:5514:47दिन
चंद्र14:4715:38दिन
शनि15:3816:29दिन
गुरु16:2917:20दिन
मंगल17:2018:29रात
सूर्य18:2919:38रात
शुक्र19:3820:47रात
बुध20:4721:56रात
चंद्र21:5623:05रात
शनि23:0500:14रात
गुरु00:1401:23रात
मंगल01:2302:32रात
सूर्य02:3203:41रात
शुक्र03:4104:50रात
बुध04:5005:59रात
चंद्र05:5907:08रात

अयनांश 24.2198° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।