24 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 24 दिसंबर 2025, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (13:11 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (08:18, 25 दिस॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 12:16 से 13:32 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:22
रात 07:10 तक
तिथि
चतुर्थी, 13:11 तक
पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:10 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:43शुभ
काल09:43 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:16शुभ
रोग12:16 – 13:32टालें
उद्वेग13:32 – 14:49टालें
चर14:49 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:22 – 19:06टालें
शुभ19:06 – 20:49शुभ
अमृत20:49 – 22:33शुभ
चर22:33 – 00:16सामान्य
रोग00:16 – 02:00टालें
काल02:00 – 03:43टालें
लाभ03:43 – 05:27शुभ
उद्वेग05:27 – 07:10टालें

24 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 13:11 तक
शुक्ल पंचमी 13:43, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 08:18, 25 दिस॰ तक
योग
हर्षण 16:02 तक
वज्रअशुभ 15:13, 25 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:11 तक
बव 01:31, 25 दिस॰ तक
बालव 13:43, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 19:46 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
10:14
चंद्रास्त
21:19
दिनमान
10h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:16 – 13:32
यमगंड
08:26 – 09:43
गुलिक काल
10:59 – 12:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1008:01दिन
चंद्र08:0108:52दिन
शनि08:5209:43दिन
गुरु09:4310:34दिन
मंगल10:3411:25दिन
सूर्य11:2512:16दिन
शुक्र12:1613:07दिन
बुध13:0713:58दिन
चंद्र13:5814:49दिन
शनि14:4915:40दिन
गुरु15:4016:31दिन
मंगल16:3117:22दिन
सूर्य17:2218:31रात
शुक्र18:3119:40रात
बुध19:4020:49रात
चंद्र20:4921:58रात
शनि21:5823:07रात
गुरु23:0700:16रात
मंगल00:1601:25रात
सूर्य01:2502:34रात
शुक्र02:3403:43रात
बुध03:4304:52रात
चंद्र04:5206:01रात
शनि06:0107:10रात

अयनांश 24.2200° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।