12 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (12:22 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:42 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:02
रात 06:58 तक
तिथि
दशमी, 12:22 तक
एकादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:42 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:59 – 08:22शुभ
रोग08:22 – 09:45टालें
उद्वेग09:45 – 11:08टालें
चर11:08 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:16शुभ
काल15:16 – 16:39टालें
शुभ16:39 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:02 – 19:39शुभ
चर19:39 – 21:16सामान्य
रोग21:16 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:21शुभ
अमृत05:21 – 06:58शुभ

12 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 12:22 तक
कृष्ण एकादशी 14:26, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:12, 13 फ़र॰ तक
योग
हर्षण 03:05, 13 फ़र॰ तक
वज्रअशुभ 03:23, 14 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:22 तक
बव 01:27, 13 फ़र॰ तक
बालव 14:26, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
03:11
चंद्रास्त
13:06
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:16
यमगंड
06:59 – 08:22
गुलिक काल
09:45 – 11:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5907:54दिन
मंगल07:5408:50दिन
सूर्य08:5009:45दिन
शुक्र09:4510:40दिन
बुध10:4011:35दिन
चंद्र11:3512:31दिन
शनि12:3113:26दिन
गुरु13:2614:21दिन
मंगल14:2115:16दिन
सूर्य15:1616:12दिन
शुक्र16:1217:07दिन
बुध17:0718:02दिन
चंद्र18:0219:07रात
शनि19:0720:12रात
गुरु20:1221:16रात
मंगल21:1622:21रात
सूर्य22:2123:26रात
शुक्र23:2600:30रात
बुध00:3001:35रात
चंद्र01:3502:40रात
शनि02:4003:44रात
गुरु03:4404:49रात
मंगल04:4905:54रात
सूर्य05:5406:58रात

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।