7 सितंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 7 सितंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 सितंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:04 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:14 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 07:31 से 09:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:32
रात 05:57 तक
तिथि
एकादशी, 17:04 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:56 – 07:31शुभ
काल07:31 – 09:05टालें
शुभ09:05 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:32 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:31शुभ
चर04:31 – 05:57सामान्य

7 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:04 तक
कृष्ण द्वादशी 14:43, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:39, 8 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:41 तक
वरीयान 03:38, 8 सित॰ तक
परिघअशुभ 00:40, 9 सित॰ तक
करण
बव 06:16 तक
बालव 17:04 तक
कौलव 03:53, 8 सित॰ तक
तैतिल 14:43, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 12:38 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
01:26
चंद्रास्त
16:04
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 09:05
यमगंड
10:40 – 12:14
गुलिक काल
13:49 – 15:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5606:59दिन
शनि06:5908:02दिन
गुरु08:0209:05दिन
मंगल09:0510:08दिन
सूर्य10:0811:11दिन
शुक्र11:1112:14दिन
बुध12:1413:17दिन
चंद्र13:1714:20दिन
शनि14:2015:23दिन
गुरु15:2316:26दिन
मंगल16:2617:29दिन
सूर्य17:2918:32दिन
शुक्र18:3219:29रात
बुध19:2920:26रात
चंद्र20:2621:23रात
शनि21:2322:20रात
गुरु22:2023:17रात
मंगल23:1700:14रात
सूर्य00:1401:12रात
शुक्र01:1202:09रात
बुध02:0903:06रात
चंद्र03:0604:03रात
शनि04:0305:00रात
गुरु05:0005:57रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।