18 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 18 अक्टूबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (08:28 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (12:49 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 16:17 से 17:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 17:43
रात 06:21 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 12:49 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:20 – 07:45टालें
चर07:45 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 14:52शुभ
रोग14:52 – 16:17टालें
उद्वेग16:17 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:43 – 19:17शुभ
अमृत19:17 – 20:52शुभ
चर20:52 – 22:27सामान्य
रोग22:27 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:36टालें
लाभ01:36 – 03:11शुभ
उद्वेग03:11 – 04:46टालें
शुभ04:46 – 06:21शुभ

18 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 08:28 तक
शुक्ल अष्टमी 10:52, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 15:38, 19 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 23:56 तक
धृति 00:35, 20 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 08:28 तक
विष्टि (भद्रा) 21:42 तक
बव 10:52, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 19:33 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
13:05
चंद्रास्त
23:23
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:17 – 17:43
यमगंड
12:01 – 13:27
गुलिक काल
14:52 – 16:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2007:17दिन
शुक्र07:1708:14दिन
बुध08:1409:11दिन
चंद्र09:1110:08दिन
शनि10:0811:04दिन
गुरु11:0412:01दिन
मंगल12:0112:58दिन
सूर्य12:5813:55दिन
शुक्र13:5514:52दिन
बुध14:5215:49दिन
चंद्र15:4916:46दिन
शनि16:4617:43दिन
गुरु17:4318:46रात
मंगल18:4619:49रात
सूर्य19:4920:52रात
शुक्र20:5221:55रात
बुध21:5522:58रात
चंद्र22:5800:02रात
शनि00:0201:05रात
गुरु01:0502:08रात
मंगल02:0803:11रात
सूर्य03:1104:14रात
शुक्र04:1405:18रात
बुध05:1806:21रात

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।