23 नवंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 23 नवंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 नवंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:42 तक), नक्षत्र भरणी (02:02, 24 नव॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:17
रात 06:49 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:42 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी, 02:02 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:48 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:25टालें
शुभ09:25 – 10:44शुभ
रोग10:44 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:21टालें
चर13:21 – 14:40सामान्य
लाभ14:40 – 15:58शुभ
अमृत15:58 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:17 – 18:59सामान्य
रोग18:59 – 20:40टालें
काल20:40 – 22:21टालें
लाभ22:21 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:44टालें
शुभ01:44 – 03:26शुभ
अमृत03:26 – 05:07शुभ
चर05:07 – 06:49सामान्य

23 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:42 तक
पूर्णिमा 20:23, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 02:02, 24 नव॰ तक
कृत्तिका 23:25, 24 नव॰ तक
योग
वरीयान 19:58 तक
परिघअशुभ 16:05, 24 नव॰ तक
करण
गर 13:14 तक
वणिज 23:42 तक
विष्टि (भद्रा) 10:05, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
15:59
चंद्रास्त
05:10
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:25
यमगंड
10:44 – 12:03
गुलिक काल
13:21 – 14:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4807:40दिन
शनि07:4008:33दिन
गुरु08:3309:25दिन
मंगल09:2510:18दिन
सूर्य10:1811:10दिन
शुक्र11:1012:03दिन
बुध12:0312:55दिन
चंद्र12:5513:47दिन
शनि13:4714:40दिन
गुरु14:4015:32दिन
मंगल15:3216:25दिन
सूर्य16:2517:17दिन
शुक्र17:1718:25रात
बुध18:2519:32रात
चंद्र19:3220:40रात
शनि20:4021:48रात
गुरु21:4822:55रात
मंगल22:5500:03रात
सूर्य00:0301:11रात
शुक्र01:1102:18रात
बुध02:1803:26रात
चंद्र03:2604:34रात
शनि04:3405:41रात
गुरु05:4106:49रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।