2 दिसंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

बुधवार, 2 दिसंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (22:52 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (08:55 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:16
रात 06:56 तक
तिथि
नवमी, 22:52 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:55 – 08:13शुभ
अमृत08:13 – 09:30शुभ
काल09:30 – 10:48टालें
शुभ10:48 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:23टालें
उद्वेग13:23 – 14:41टालें
चर14:41 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:16 – 18:58टालें
शुभ18:58 – 20:41शुभ
अमृत20:41 – 22:23शुभ
चर22:23 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:31टालें
लाभ03:31 – 05:14शुभ
उद्वेग05:14 – 06:56टालें

2 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 22:52 तक
कृष्ण दशमी 23:04, 3 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 09:23, 3 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 10:31 तक
प्रीति 09:15, 3 दिस॰ तक
करण
तैतिल 10:59 तक
गर 22:52 तक
वणिज 10:54, 3 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 14:59 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
00:32
चंद्रास्त
13:03
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:26 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:23
यमगंड
08:13 – 09:30
गुलिक काल
10:48 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5507:47दिन
चंद्र07:4708:39दिन
शनि08:3909:30दिन
गुरु09:3010:22दिन
मंगल10:2211:14दिन
सूर्य11:1412:06दिन
शुक्र12:0612:57दिन
बुध12:5713:49दिन
चंद्र13:4914:41दिन
शनि14:4115:32दिन
गुरु15:3216:24दिन
मंगल16:2417:16दिन
सूर्य17:1618:24रात
शुक्र18:2419:33रात
बुध19:3320:41रात
चंद्र20:4121:49रात
शनि21:4922:58रात
गुरु22:5800:06रात
मंगल00:0601:14रात
सूर्य01:1402:23रात
शुक्र02:2303:31रात
बुध03:3104:39रात
चंद्र04:3905:48रात
शनि05:4806:56रात

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।