3 दिसंबर 2026 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (23:04 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (09:23 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 13:23 से 14:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 17:16
रात 06:57 तक
तिथि
दशमी, 23:04 तक
एकादशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:56 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:31टालें
उद्वेग09:31 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:06सामान्य
लाभ12:06 – 13:23शुभ
अमृत13:23 – 14:41शुभ
काल14:41 – 15:58टालें
शुभ15:58 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:16 – 18:58शुभ
चर18:58 – 20:41सामान्य
रोग20:41 – 22:24टालें
काल22:24 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:49शुभ
उद्वेग01:49 – 03:32टालें
शुभ03:32 – 05:14शुभ
अमृत05:14 – 06:57शुभ

3 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 23:04 तक
कृष्ण एकादशी 23:45, 4 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:23, 4 दिस॰ तक
योग
प्रीति 09:15 तक
आयुष्मान 08:23, 4 दिस॰ तक
करण
वणिज 10:54 तक
विष्टि (भद्रा) 23:04 तक
बव 11:21, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
01:32
चंद्रास्त
13:32
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:23 – 14:41
यमगंड
06:56 – 08:14
गुलिक काल
09:31 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5607:48दिन
मंगल07:4808:39दिन
सूर्य08:3909:31दिन
शुक्र09:3110:23दिन
बुध10:2311:14दिन
चंद्र11:1412:06दिन
शनि12:0612:58दिन
गुरु12:5813:49दिन
मंगल13:4914:41दिन
सूर्य14:4115:33दिन
शुक्र15:3316:24दिन
बुध16:2417:16दिन
चंद्र17:1618:24रात
शनि18:2419:33रात
गुरु19:3320:41रात
मंगल20:4121:49रात
सूर्य21:4922:58रात
शुक्र22:5800:06रात
बुध00:0601:15रात
चंद्र01:1502:23रात
शनि02:2303:32रात
गुरु03:3204:40रात
मंगल04:4005:48रात
सूर्य05:4806:57रात

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।